करनाल, 31 जनवरी। (BY RITIK MADAD)

हरियाणा में अवैध माइनिंग, अवैध शराब की बिक्री, अवैध कॉलोनियों और बिजली चोरी पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह स्पष्ट संदेश नवदीप सिंह विर्क, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो) ने करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिया।
करनाल और रोहतक रेंज के जांच अधिकारियों (IO) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीजीपी नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि अवैध माइनिंग और अवैध शराब पर प्रभावी रोकथाम विभाग की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि ईमानदारी से बिजली बिल भरने वाले उपभोक्ताओं के साथ न्याय किया जा सके।
उन्होंने कहा कि खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर रेत स्टॉक की नियमित जांच की जाएगी। वहीं, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के साथ मिलकर अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करते हुए जांच कार्यों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
एडीजीपी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्तव्यपरायणता, ईमानदारी और पारदर्शिता को अपनी कार्य संस्कृति का अनिवार्य हिस्सा बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों—टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, बिजली विभाग, सिंचाई विभाग, खनिज विभाग, आबकारी विभाग और परिवहन विभाग—के अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
👮♂️ पुलिसकर्मियों के कल्याण पर विशेष जोर
बैठक में पुलिसकर्मियों के मानसिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत कल्याण को लेकर भी अहम फैसले लिए गए। एडीजीपी नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि हाल ही में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य शिविर के फीडबैक के आधार पर नियमित हेल्थ चेकअप, पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नजदीकी जिलों में पोस्टिंग, और बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को अधिक जिम्मेदारी देने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों का कार्य प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होगा, उनकी समीक्षा कर उन्हें संबंधित जिलों में वापस भेजा जाएगा। साथ ही, ड्यूटी के दौरान पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए अवकाश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
🏢 बैठक में इन जिलों के अधिकारी रहे शामिल
इस समीक्षा बैठक में करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, भिवानी, कैथल और चरखी दादरी जिलों के थाना प्रबंधक, अतिरिक्त थाना प्रबंधक और जांच अधिकारी शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कार्य प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया।
