करनाल न्यूज़ | 17 फरवरी 2026
करनाल: हरियाणा में एक बार फिर धान खरीद में हुए फर्जी गेट पास घोटाले (Paddy Purchase Scam) ने हड़कंप मचा दिया है। इस बड़े घोटाले में करनाल से लेकर असंध और जुंडला तक के कई बड़े अधिकारी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला लाखों-करोड़ों रुपये का हो सकता है।
मुख्य आरोपी आशा रानी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में सबसे पहले आशा रानी को गिरफ्तार किया है। आशा रानी जब करनाल में मंडी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थीं, तभी यह कथित बड़ा धान घोटाला सामने आया था। फर्जी गेट पास के जरिए धान की खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर धांधली की गई थी, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ।
दो और मंडी सेक्रेटरी भी फंसे
जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही दो और वर्तमान मंडी सेक्रेटरी भी इस घोटाले की जद में आ गए हैं:
- असंध के मंडी सेक्रेटरी कृष्ण को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
- जुंडला मंडी के सेक्रेटरी दीपक को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
DFSC अनिल प्रोडक्शन वारंट पर
इस मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए तत्कालीन DFSC (जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक) अनिल को भी प्रोडक्शन वारंट (Production Warrant) पर लिया है। अनिल की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है कि उनके कार्यकाल में यह फर्जीवाड़ा कैसे और क्यों फलता-फूलता रहा।
पुलिस का कहना है कि यह घोटाला काफी बड़े पैमाने पर किया गया है और इसमें कई अन्य अधिकारियों व आढ़तियों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।
