करनाल (हरियाणा): हरियाणा के करनाल जिले से सटे उत्तर प्रदेश (UP) के कैराना में एक गर्भवती महिला के साथ गलत तरीके से गर्भपात (MTP) करने का एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। अनट्रेंड और झोलाछाप स्टाफ द्वारा किए गए इस अवैध ऑपरेशन के कारण महिला का यूट्रस (बच्चेदानी) फट गया और उसकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई। महिला को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। मामले का खुलासा होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यूपी में छापेमारी कर दो एएनएम (ANM) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी मुख्य डॉक्टर मौके से फरार हो गया।
एक्सीडेंट के बाद झोलाछाप के चंगुल में फंसा परिवार
डिप्टी सीएमओ (Deputy CMO) डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि 29 जून को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि फुसगढ़ की रहने वाली एक गर्भवती महिला को बेहद गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है। 30 जून को विभाग की विशेष टीम ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित महिला और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए।
जांच में सामने आया कि महिला झिंझाणा और बड़ौली के बीच बाइक फिसलने के कारण सड़क हादसे का शिकार हो गई थी, जिसके बाद उसे ब्लीडिंग (खून बहना) शुरू हो गई। परिजन आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ से उन्हें देव अस्पताल के कथित डॉक्टर अर्पित के पास रेफर कर दिया गया।
अनट्रेंड स्टाफ ने किया ऑपरेशन, फट गया महिला का यूट्रस
आरोप है कि देव अस्पताल में महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया और इलाज के नाम पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए गए। इसके बाद सोची-समझी साजिश के तहत महिला को एंबुलेंस में डालकर कैराना (UP) के एक अन्य अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
कैराना के उस अस्पताल में कोई भी प्रशिक्षित या डिग्रीधारक डॉक्टर मौजूद नहीं था। वहाँ तैनात दो महिला एएनएम (ANM) ने खुद ही महिला का गर्भपात (Abortion) करना शुरू कर दिया। इस लापरवाही और गलत तरीके से किए गए ऑपरेशन के कारण महिला का यूट्रस फट गया और युरेटर (मूत्रवाहिनी) में भी गंभीर चोट आ गई, जिससे महिला की जान पर बन आई।
यूपी में स्वास्थ्य विभाग का छापा, अस्पताल सील और दो गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए 30 जून को करनाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यूपी के कैराना में स्थित उस अस्पताल पर अचानक छापा मारा। रेड के दौरान मौके से अवैध रूप से इस्तेमाल होने वाले एमटीपी (MTP) के उपकरण और भारी मात्रा में दवाइयां बरामद हुईं। टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी महिला एएनएम को मौके पर ही दबोच लिया।
इसके बाद टीम ने आरोपी डॉक्टर अर्पित को पकड़ने के लिए देव अस्पताल में भी दबिश दी, लेकिन भनक लगते ही वह पहले ही फरार हो चुका था। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए देव अस्पताल को पूरी तरह सील कर दिया है और उसकी चाबी वहां के स्थानीय नोडल अधिकारी को सौंप दी है।
दोनों राज्यों में दर्ज होगी एफआईआर, जांच जारी
डिप्टी सीएमओ डॉ. शीनू चौधरी ने स्पष्ट किया कि जांच में डॉक्टर अर्पित की कोई भी वैध या मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री नहीं मिली है, जिससे साबित होता है कि वह एक झोलाछाप डॉक्टर है। इस गंभीर मामले में उत्तर प्रदेश और हरियाणा (करनाल) दोनों ही राज्यों की पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई जा रही है। फिलहाल पीड़ित महिला की स्थिति डॉक्टरों की निगरानी में बनी हुई है और फरार झोलाछाप की तलाश तेज कर दी गई है।
